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Friday, 16 September 2016

क्या आप बोरियत से परेशान हैं ?

क्या आप बोरियत से परेशान हैं ?

साथियों बोरियत शब्द हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक आम सुना जाने वाला शब्द बन गया है | अब प्रश्न यह है कि बोरियत होती क्यों है और उससे पैदा होने वाली सुस्ती ,खीज ,परेशानी या नीरसता कैसे दूर की जाय | वास्तव में जिस कार्य को शुरू करते समय हमें पहले कुछ मिनटों या घंटों में कोई समस्या महसूस नहीं होती वही  काम हमारे लिए एक समय पर  बोरियत पैदा कर देता है | चित्र में रंग भरना बच्चों के लिए सबसे मनोरंजक कार्य होता है पर यदि उन्हें भी लगातार कई घंटे यही काम दिया जाता रहे तो रंग भरना उनके लिए एक मुसीबत बन जाता है और वे इस काम से थकान और खीज महसूस करते हैं | हम लगातार एक ही किस्म की दाल सब्जी रोजाना खाना पसंद नही करते | हम लगातार रोज किया जाने वाला एक सा काम पसंद नही करते और यदि ऐसा कर रहे है और किसी प्रकार की बोरियत महसूस करते हुए मान नही रहे है तो आपका शरीर और मस्तिष्क धीरे धीरे सुखद अहसासों से रिक्त हो जाता है और आपको पता ही नहीं चलता कि कब लोगो के प्रति अपने काम के प्रति आप अपना सौन्दर्यबोध खोते चले जा रहे है | जीवन में विविधताओं का होना बड़ा जरुरी है | आप उस कलर्क के बारे में सोचिये ,उस दफ्तर में बैठे पत्रकार या टाइपिस्ट के बारे में सोचिये ,उस अध्यापक के बारे में सोचिये ,उस मित्र के  बारे में सोचिये ,उस पडोसी के बारे में सोचिये जो लगातार सुबह से लेकर शाम तक रोजाना एक ही दिनचर्या अपनाये हुए है | सुबह काम पर जाना और शाम को काम से घर लौट आना और  टीवी देख कर खाना खाकर सो जाना ,फिर अगले दिन ऐसे ही करना | उसके जीवन में मित्र ,बातचीत ,सुबह की सैर ,अच्छी किताबें ,खेल कूद ,वीकेंड पर पिकनिक या महीने में एक आध बार परिवार के साथ बाजार जाकर खाना पीना या घूमना ,दूसरों के कामो या सामाजिक कार्यों में कोई भाग न लेना ,हंसने या मजाक की बात करने से परहेज करना जैसी आदतें न के बराबर है या उसकी इस दिनचर्या का हिस्सा नही है तो  इश्वर द्वारा दी इस जिन्दगी का क्या अर्थ है ? ये प्रश्न हमें अपने आप से करना चाहियें |
जरूरत जीवन को मनोरंजन और उत्साह से भरने की है और इसके लिए इसी प्रकार के साधनों या लोगो से मेल जोल बढाने की जरूरत है |
ऑफिस टाइम में जो ऊर्जा कार्य के पहले घंटे में होती है उसे बनाए रखने के लिए हमें अपने आपको रुचिकर बनाना होगा और दूसरो को प्रोत्साहन देना होगा | ना उम्मीदी और नकारात्मकता तब पैदा होते है जब जीवन एक नदी न होकर खड़े पानी जैसा हो जाता है | और जल्दी ही ये खड़ा पानी सड़ कर बदबू उत्पन्न करता है |
आप जरा सोच कर देखे कि जब आपको कार्यक्षेत्र या आफिस में चाय या लंच ब्रेक मिलता है तो आप का रवैया कैसा होता है | किसी मीटिंग या अपने सहकर्मियों के साथ आप का बर्ताव काम करते समय या फुर्सत के पालो में कैसा होता है ? इसके लिए कुछ प्रश्न अपने आप से पूछिए –
१.आप अपने सहकर्मियों की मदद करने में उत्साहित रहते है ?
२. आप अपने किसी सहकर्मी की कोई विशेषता या प्राप्ति उसकी उपस्थिति में दूसरों को बताकर उसका दिन गर्व से भर देते हैं ?
३.आप खाना खाते समय सुखद अहसासों को याद करते हैं और खाने के स्वाद के लिए मन ही मन उसे बनाने वाले कि प्रशंसा करते है ?
4. क्या आप चाय काल या भोजन काल के अंतराल में अपने अच्छे अनुभव अपने साथियों के साथ शेयर करते हैं या अपने काम को लेकर आ रही कठिनाईयों के बारे में उनसे परामर्श लेते हैं ?
५. क्या आपकी दिनचर्या में मित्रों से वार्तालाप ,सैर या अपने घर परिवार के लोगों की उनके काम में सहायता शामिल है ?
६. क्या आप डायरी लिखने ,जीवन व्यवहार पर अच्छी पुस्तके पढने ,संगीत सुनने ,मित्र या परिवार के साथ गपशप करने ,वीकेंड मानाने ,सिनेमा देखने जैसे कार्य कभी कभी करते हैं ?
७. क्या आप अपने कार्यक्षेत्र में किये जाने वाले कामो के लिए पहले अपने आप को तैयार करते है या योजना बनाते हैं ?
८. क्या आप साल में एकाध बार मित्रों या परिवार के साथ कुछ दिन के लिए प्रयत्न यात्रा करते हैं ?
८. क्या आप अपने कपड़ों के रंगों में विविधता पसंद करते हैं या केवल सफ़ेद शर्ट और सफ़ेद कुरता पायजामा पहनना आपकी पसंद बन चूका है ?
इन प्रश्नों के एक सूची तैयार कर रोजाना एक बार सुबह इसे पढ़िए और काम पर निकलिए | अपनी जीवन शैली को बदलने का प्रयास कीजिये | जीवन विविध रंगों के बिना नीरस हो जाता है ,अपने जीवन में रंग भरिये |
आप लोगो को तभी बोर करते है जब आप अपने आप से बोर होते हैं | आप स्वयम को उस समय ऊर्जावान महसूस करते है जब आप दूसरों को प्रसन्नता ,सहयोग और विशवास बांटते हैं | स्वयम से शुरू करे और अपने जीवन में मनोरंजन ,विविधता ,अच्छे अनुभव और प्रेरणात्मक विचार लाने का प्रयत्न कीजिये | रोज सुबह शीशे के सामने अपने बालों को कंघी करते समय और और अपनी वेशभूषा की मैचिंग चेक करते समय मुस्कराइए और यह महसूस कीजिये कि आप कमाल के व्यक्ति है और लोगों के बीच ऊर्जावान और लोकप्रिय बने रहने के सारे गुण आपमें शामिल है | किसी से मिलते समय हाथ मिलाने में पहल कीजिये ,मुस्कुराइए और क्या हाल है ‘कहने के बजाय  कहिये हेलो आज बहुत स्मार्ट लग रहे हैं ? विशवास कीजिये कि घर समाज और कार्यक्षेत्र में आप अपने सुखद अहसासों को याद कर के ,उन्हें बाँट कर और हर दिन सुखद अहसासों का संग्रह करने के लिए प्रेरित रह कर यदि जीवन जियेंगें तो बोरियत और नकारात्मकता आपके आस पास नही भटकेगी | अपने जीवन को लोगो की भीड़ से मत भरिये ,जीवन को सुखद बनाने और मनोरंजन से भरने के लिए हमें केवल पांच या  दस ऐसे लोगो की जरूरत है जो जीवन को सफलता ,ख़ुशी और मनोरंजन के नए आयामों से भरकर रोजाना मुस्कुराते हुए मिलते हैं |
आपका दिन खुशियों से भरा रहे ,ऐसी कामना करता हूँ |
आपका

हरीश