दिमाग को रीबूट करें ,तरो ताजा और स्वस्थ रहें
आजकल की भागदौड़ और जीवन की आपाधापी के बीच दिमाग लगातार क्रियाशील
रहता है | सारा दिन अनेकों विचार भी दिमाग पर हावी रहते है | हमारा दिमाग एक अछे
सॉफ्ट वेयर जैसा होता है और ईश्वर ने हमें कमाल का ये सॉफ्टवेयर दिया है ,ये एक
सुपर कंप्यूटर की मेमोरी कार्ड जैसा है पर हर उद्दात वस्तु की एक सीमा होती है |
जिस प्रकार शरीर या मशीन को एक हद तक काम में लाकर थोड़े अंतराल के बीच आराम देना
पड़ता हैं उसी प्रकार हमारा मस्तिष्क जो पूरे शरीर को नियंत्रित करता हैं उसे भी
तारो ताजा बनाने या आराम देने की जरूरत पड़ती है |
कंप्यूट पर कई वेब साइट्स को जब
हम लगातार एक साथ खोल लेते हैं तो कई बार कंप्यूटर हैंग हो जाता हैं या उसकी डाउन
लोडिंग क्षमता कम हो जाती है ,उस समु या तो हम कंप्यूटर को स्विच आफ करते है या
रीस्टार्ट करते है | यही नही उसकी मेमोरी पर लोड कम करने के लिए कई अनुपयोगी एप्लीकेशन
को डिलीट भे कर देते है |
अब आप सोचिये कि जब आप के दिमाग पर कई काम या विचार सारे
दिन में हावी हो जाते हैं तो आप अपने दिमाग को क्या किसी प्रक्रिया द्वारा हल्का
या तरोताजा कर सकते हैं | आज कल तनाव के साथ साथ यादाश्त की कमी ,क्रोध और अवसाद
के बीच लोग कई बार स्वयम को दीन हीन मानसिकता से संक्रमित कर लेते हैं | इसका एक
बड़ा कारण दिमाग में बढ़ते नए पुराने विचारो घटनाओं का बोझ हैं जो अब एक स्वाभाविक
समस्या बन चूका है पर फिर भी हमें अपनी इस समस्या या बोझ को कम करने का प्रयत्न
करते रहना चाहिए और इस जीवन को हिम्मत तथा आशावादी नजरिये से भर कर अपनी तथा अपने
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच जीवंत बने रहने की हर संभव कोशिश करते रहना चाहिए
|
ये जीवन या जिन्दगी बहुत छोटी होती है तो क्यों न इसे घटिया बनाने के बजाय
खुशहाल और तनाव रहित बनाने के प्रयत्न किये जाए |
दिमाग को रीबूट करने के कुछ प्रयोग जो आप कर सकते हैं निम्न लिखित
प्रकार से हैं –
१.
सुबह
सूरज निकलने से पहले जागने का प्रयत्न करें | पानी पिए और हलकी सैर करें | सैर
करते समय मौन रहें और अपने श्वास पर ध्यान केन्द्रित करें | अपने घर की छत या लान
में बैठकर भी आप अपने श्वास पर ध्यान केन्द्रित करने का प्रयत्न कर सकते है |
लम्बी सांस ले और आराम से श्वास छोड़े |आपका श्वास आपको वर्तमान में ले आता है और
आप भूतकाल या भविष्य के बारे में सोचने विचारने की प्रक्रिया से बाहर आ जाते हैं |
२.
सुबह
उठते ही अखबार या टीवी न देखने बैठें ,आपके शरीर को ,मस्तिष्क को एक मौन कि
आवश्यकता है और साकारात्मक विचारों की ,पर टीवी या अखबार आपको नाकारात्मक ख़बरों से
भर देगें | इससे कही अच्छा है कि सुबह सुबह हास्य योग कर लिया जाए जिसे शहरों में
लाफिंग क्लब में जाकर लोग करते है | हसना और रोना दिमाग की रीबूटिंग के आसान
प्रयोग हैं और तनाव को दूर करते हैं |
३.
हल्का
भोजन या घर के खाने को ही प्राथमिकता दें और भोजन करते समय न ज्यादा बोले और न
ज्यादा सुनें |
४.
दोपहर
के लंच के बाद सहकर्मियों के साथ हास्यपूर्ण बातें करें या उनकी किसी उपलब्धि की
बात कर सकते हैं | अपने जीवन का कोई सुखद अनुभव भी बाँट सकते है | ये सब आपके
मस्तिष्क को नयी ऊर्जा से भर देगा |
५.
बार बार
चाय पीने से बचें ,पानी एक एक घंटे बाद जरूर पीने का प्रयत्न करें और दो मिनट के
लिए अपने दफ्तर की कुर्सी पर अपने शरीर को ढीला छोड़ दें ,लम्बी स्संस ले और सांस
छोड़ें | ऐसा करते समय अपने सांस की आवाज को सुनने का प्रयत्न करें |
६.
एक बात
अपने दिमाग में हमेशा याद रखे कि आप सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और इस बात को साबित
करने के लिए आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना है |
७.
अपने
आफिस के कमरें या कंप्यूटर की स्क्रीन पर हरियाली और प्रसन्नता से भरे चित्र
लगायें |
८.
घर आकर
आपने परिवार वालो से बातचीत करे और अपने आपको मोबाइल ,सोशल नेटवर्किंग तथा न्यूज
चेनलों से दूर रखने का प्रयत्न करें | उनके लिए एक समय निश्चित कर लें | बार बार
सन्देश चेक करना या बेकार के कमेंट्स करते
रहना और चैट करना भी तनाव का एक बड़ा कारण हैं |
९.
रात को
सोने से पहले अपनी दिनचर्या को डायरी में लिखने की आदत डालें या दिनभर में किये
गये कार्यों को क्रमवार याद करने का प्रयत्न करें | इश्वर का धन्यवाद करें और कहें
कि आपको विशवास है कि ईश्वर हमेशा आपके साथ है और आप हर काम बड़ी आसानी से निपटा
सकते हैं |
१०. नाकरात्मक और बीते हुए का विधवा प्रलाप करने वाले
लोगों ,साहित्य तथा मानसिकता से बचने के लिए सफल लोगों के बीच रहें , आशावादी जीवन
और साकारात्मक सोच से जुड़े साहित्य को अपना साथी बनायें ,संगीत सुनें और दिन में
कम से कम जितनी बार खाना खाते हैं उससे दुगनी बार हंसने का प्रयत्न करें | टीवी पर आने वाले कॉमेडी शो आपके मानसिक
स्वास्थ्य तथा दिमाग की रीबूटिंग के लिए
कही ज्यादा अच्छे हैं |
११. याद रखिये राष्ट्र पिता के वो तीन बंदर जो न बुरा
बोलते है ,न बुरा सुनते हैं और न ही बुरा देखते हैं |
आप अनमोल हैं ,सदा खुशियाँ बांटते रहें |
